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श्रावणी मेला 2024: भक्ति, आस्था और सावन का अद्भुत संगम

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On: July 21, 2024 1:45 PM
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देवघर, 21 जुलाई 2024: झारखंड के देवघर में आयोजित होने वाला श्रावणी मेला, भगवान शिव के भक्तों के लिए आस्था और भक्ति का महाकुंभ है। यह मेला सावन मास में आयोजित होता है, जो हिन्दू धर्म में अत्यंत पवित्र माना जाता है। इस साल श्रावणी मेला 22 जुलाई से शुरू हुआ है जो 26 अगस्त तक चलेगा।

सावन का महत्व:

सावन मास भगवान शिव का महीना माना जाता है। इस महीने में भगवान शिव की पूजा-अर्चना करने से विशेष फल प्राप्त होते हैं। कहा जाता है कि इस महीने में भगवान शिव कैलाश पर्वत से धरती पर आते हैं और गंगा नदी में निवास करते हैं।

श्रावणी मेले का इतिहास:

श्रावणी मेले का इतिहास हजारों साल पुराना है। माना जाता है कि भगवान राम ने भी इस महीने में बाबा बैद्यनाथ के दर्शन किए थे। तब से यह मेला हर साल आयोजित किया जाता है।

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कांवरियों की यात्रा:

श्रावणी मेले का मुख्य आकर्षण कांवरिए होते हैं। ये भक्त गंगाजल से भरे कलश लेकर बाबा बैद्यनाथ के दर्शन करने के लिए पैदल यात्रा करते हैं। यह यात्रा कई किलोमीटर लंबी होती है और इसमें कई दिन लगते हैं।

यात्रा का मार्ग:

कांवरिए विभिन्न मार्गों से देवघर पहुंचते हैं। इनमें से सबसे प्रसिद्ध मार्ग सुल्तानगंज से देवघर का है। यह यात्रा करीब 100 किलोमीटर लंबी है।

यात्रा की कठिनाईयां:

कांवरियों की यात्रा आसान नहीं होती है। उन्हें रास्ते में कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उन्हें पैदल चलना पड़ता है, तपस्या करनी पड़ती है और कई बार भूखे-प्यासे रहना पड़ता है।

भक्ति और त्याग का प्रतीक:

कांवरियों की यात्रा भक्ति और त्याग का प्रतीक है। ये भक्त अपनी तन-मन लगाकर भगवान शिव की पूजा करते हैं और अपनी इच्छाओं का त्याग कर देते हैं।

सांस्कृतिक महत्व:

श्रावणी मेला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह एक सांस्कृतिक उत्सव भी है। इस मेले में देश के विभिन्न भागों से लोग आते हैं और अपनी संस्कृति का प्रदर्शन करते हैं।

पर्यावरणीय प्रभाव:

श्रावणी मेले का पर्यावरण पर भी प्रभाव पड़ता है। कांवरिए प्लास्टिक की बोतलें, थैलियां और अन्य कचरा मेला क्षेत्र में फेंक देते हैं। इससे प्रदूषण होता है।

निष्कर्ष:

श्रावणी मेला आस्था, भक्ति, त्याग और सांस्कृतिक विविधता का अद्भुत संगम है। यह मेला लाखों लोगों को एक साथ लाता है और उन्हें भगवान शिव के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करने का अवसर प्रदान करता है।

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Anil Kumar Maurya

अनिल कुमार मौर्य एक अनुभवी पत्रकार, मीडिया रणनीतिकार और सामाजिक चिंतक हैं, जिन्हें पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र में 10 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वे वर्तमान में The News Frame के संस्थापक और मुख्य संपादक के रूप में कार्यरत हैं — एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म जो क्षेत्रीय, राष्ट्रीय और सामाजिक सरोकारों को निष्पक्ष और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करता है।अनिल जी राष्ट्रीय पत्रकार मीडिया संगठन (Rashtriya Patrakar Media Sangathan) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं, जहां वे पत्रकारों के अधिकारों, मीडिया की स्वतंत्रता और सामाजिक न्याय के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

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