झारखंड
रांची में बना राज्य का कैंसर अस्पताल एवं रिसर्च सेंटर, जो कैंसर मरीजों की देखभाल के लिए अत्याधुनिक उपचार तकनीक के माध्यम से बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करेगा। जाने टाटा कैंसर केयर फाउंडेशन के बारे में..
रांची कैंसर अस्पताल | झारखण्ड
मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने टाटा ट्रस्ट्स द्वारा स्थापित रांची कैंसर अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र का उद्घाटन किया
कैंसर पीड़ितों को राज्य में ही स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करना लक्ष्य
रांची कैंसर अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र राज्य के लिए माइलस्टोन
जल्द रखी जाएगी मेडिको सिटी की आधारशिला
– श्री हेमन्त सोरेन, मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि काफी वर्षों से झारखंड के लिए स्वास्थ्य के क्षेत्र में कई छोटी-बड़ी चीजें जुड़ती आई हैं लेकिन, कैंसर के इलाज से संबंधित सुविधा इस प्रदेश में नही के बराबर था। वर्तमान सरकार के गठन के बाद से ही हमने इस निमित्त लगातार प्रयास किया है कि कैंसर पीड़ितों को राज्य में ही बेहतर चिकित्सा व्यवस्था मिले। आज झारखंड के लिए ऐतिहासिक दिन है। आज टाटा ट्रस्ट्स द्वारा स्थापित रांची कैंसर अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र का उद्घाटन हुआ है। रांची कैंसर अस्पताल एवं रिसर्च सेंटर देश में आदर्श कैंसर केयर संस्थान के रूप में पहचाना जाए , इसके लिए टाटा ट्रस्ट्स एवं राज्य सरकार आपसी समन्वय बनाकर इस संस्थान को आगे बढ़ाने का कार्य करेगी। रांची में कैंसर अस्पताल शुरू होने से अब झारखंड में कैंसर मरीजों तथा उनके परिवार के सदस्यों को काफी सुविधा होगी। उक्त बातें मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने आज सुकुरहुट्टू रोड (कदमा) कांके स्थित रांची कैंसर अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र के उद्घाटन समारोह में कही।
रांची कैंसर अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र राज्य के लिए माइलस्टोन साबित होगा
मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि बड़ी तादाद में कैंसर मरीज हमारे राज्य से बेहतर इलाज हेतु दूसरे राज्यों या अन्य शहरों में जाया करते थे। कई बार तो हमने भी अलग-अलग माध्यमों से कैंसर पीड़ित लोगों को बेहतर इलाज के लिए अन्य शहरों में भेजने का काम किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में कैंसर अस्पताल कैसे बने, कैसे चले, अस्पताल में बेहतर सुविधा मुहैया कैसे कराया जा सके इस निमित्त कई बार विभागीय पदाधिकारियों के साथ मैं स्वयं चिंतन-मंथन करता था। राज्य सरकार एवं टाटा ट्रस्ट्स के सामूहिक प्रयास से आज वह दिन आया जब एक भव्य कैंसर अस्पताल रांची में खड़ा है। आज यह अस्पताल राज्य की जनता को समर्पित किया जा रहा है। निश्चित रूप से रांची कैंसर अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र राज्य के लिए माइलस्टोन साबित होगा।
इलाज हेतु मरीजों को राज्य से बाहर न जाना पड़े, यही है प्रयास
मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि हमारी सरकार ने राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर प्रयास किया है। ऐसे प्रयास प्रतिबद्धता के साथ आगे भी होते रहेंगे। हमारा प्रयास है कि राज्य में ही स्वास्थ्य संबंधी सभी आवश्यक सुविधाएं मरीजों को उपलब्ध कराई जाए ताकि उन्हें राज्य के बाहर अन्य शहरों में इलाज हेतु नही जाना पड़े। मुख्यमंत्री ने कहा कि रांची कैंसर अस्पताल एवं रिसर्च सेंटर में विश्व स्तरीय आधुनिक मशीनें लगाई गई हैं जिससे कैंसर मरीजों का गुणवत्तापूर्ण जांच तथा चिकित्सा सेवा प्रदान की जा सकेगी। यह अस्पताल लगभग 25 एकड़ भूमि में बना है, धीरे-धीरे यह अस्पताल और बड़ा बनेगा ऐसा मुझे पूरा विश्वास है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जल्द ही रांची कैंसर अस्पताल एवं रिसर्च सेंटर के समीप ही मेडिको सिटी के निर्माण हेतु आधारशिला रखेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने पिछले कुछ महीनों में रिम्स में भी कई नई तकनीक की मशीनें स्थापित की हैं। अब रिम्स में भी आम जनता को बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल रहा है।
टाटा समूह को राज्य सरकार का पूरा सहयोग
मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि पिछले दिनों राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं की कड़ी में एयर एंबुलेंस की शुरुआत की गई है। एयर एंबुलेंस सुविधा के शुभारंभ के बाद से ही प्रत्येक दिन मरीजों को बेहतर इलाज के लिए अलग-अलग राज्यों के शहरों में ले जाया जा रहा है। एयर एंबुलेंस की सुविधा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को भी मिले इसका पूरा प्रयास राज्य सरकार कर रही है। हमारी सरकार की सोच है कि सभी वर्ग-समुदाय के लोगों को स्वास्थ्य सुविधा एक समान मिले। राज्यवासियों को सस्ती, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधा देने निमित्त राज्य सरकार कृत संकल्पित है। मुख्यमंत्री ने कहा कि निश्चित रूप से आज का दिन राज्य के लिए गौरव का दिन है। मैं अपनी ओर से टाटा समूह का धन्यवाद एवं आभार करता हूं। मैं आज इस मंच से विश्वास दिलाता हूं कि इस अस्पताल के संचालन के साथ-साथ राज्य के सर्वांगीण विकास में टाटा समूह को हमारी सरकार पूरा सहयोग करेगी।
स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक दिन
इस अवसर पर राज्य के स्वास्थ्य मंत्री श्री बन्ना गुप्ता ने कहा कि आज राज्य में स्वास्थ्य क्षेत्र लिए ऐतिहासिक दिन है। टाटा ट्रस्ट्स द्वारा स्थापित रांची कैंसर अस्पताल एवं रिसर्च सेंटर मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में स्वास्थ्य सुविधाओं की दशा और दिशा में निरंतर सुधार तथा सकारात्मक बदलाव हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि टाटा ट्रस्टस और राज्य सरकार मिलकर कैंसर पीड़ितों का बेहतर इलाज तथा लोगों में कैंसर के प्रति जागरूकता लाने का प्रयास करेगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार राज्य में धूम्रपान तथा तंबाकू पर बैन लगाया गया है। राज्य में धूम्रपान तथा तंबाकू को बंद किए जाने को लेकर डब्ल्यूएचओ ने झारखंड को पुरस्कृत करने का काम किया है। राज्य सरकार का प्रयास है कि अंतिम पायदान में खड़े व्यक्ति तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाई जाए।
टाटा ट्रस्ट्स कैंसर बीमारी के निदान हेतु प्रतिबद्ध
इस अवसर पर ट्रस्टी, टाटा ट्रस्ट्स और वाइस चेयरमैन श्री नोएल टाटा ने अपने संबोधन में कहा कि टाटा ट्रस्ट्स बीमारी के निदान से पहले उपचार के माध्यम से समग्र स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने की दिशा में काम कर रहा है। इस उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए, हमारी टीमें जागरूकता पैदा करने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के साथ काम कर रही हैं, और कैंसर का जल्द पता लगाने के लिए स्क्रीनिंग भी कर रही हैं। हमारी प्रतिबद्ध स्वास्थ्य सेवा टीमों के समर्थन के साथ, हम यह सुनिश्चित करने की दिशा में काम करते हैं कि स्क्रीनिंग के दौरान चिन्हित कैंसर के संभावित मामलों का निदान, उपचार और ठीक होने के बाद की स्थिति की निगरानी की जाती हो, जिससे स्वास्थ्य सेवा की निरंतरता सुनिश्चित की जा सके।
झारखंड राज्य आरोग्य सोसायटी एवं टाटा मेडिकल सेंटर के बीच एमओयू
इस अवसर पर मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के कार्यान्वयन के लिए झारखंड राज्य आरोग्य सोसायटी, झारखंड स्वास्थ्य चिकित्सा शिक्षा और परिवार कल्याण विभाग, झारखंड सरकार और टाटा मेडिकल सेंटर के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया गया। इस एमओयू से झारखंड राज्य के मरीजों को कोलकाता के अत्याधुनिक टाटा मेडिकल सेंटर में कैंसर का विश्व स्तरीय उपचार प्राप्त करने में मदद मिलेगी। समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर झारखंड राज्य आरोग्य सोसाइटी के कार्यकारी निदेशक डॉ. भुवनेश प्रताप सिंह और टाटा मेडिकल सेंटर, कोलकाता के डॉ. पी. अरुण, निदेशक और श्री संजीव कुमार अग्रवाल, मुख्य वित्तीय अधिकारी के बीच संपन्न हुआ।
अस्पताल का संचालन टाटा कैंसर केयर फाउंडेशन (टीसीसीएफ) के तत्वावधान में किया जाएगा।
टीसीसीएफ के माध्यम से कार्यान्वित किए जा रहे टाटा ट्रस्ट्स के ‘डिस्ट्रीब्यूटेड कैंसर केयर मॉडल’ का मुख्य उद्देश्य रोगियों के लिए विश्व स्तरीय कैंसर उपचार को सुलभ और किफायती बनाना है। आरसीएचआरसी अत्याधुनिक तकनीकों, अच्छी तरह से सुसज्जित प्रयोगशाला और उच्चस्तरीय सीटी और एमआरआई स्कैनर्स, डिजिटल मैमोग्राफी मशीनों के साथ-साथ एडवांस्ड लिनियर एक्सीलरेटर और ब्रेकीथेरेपी मशीनों सहित डायग्नोस्टिक्स उपकरण को रेडियोथेरेपी के संचालन को नियोजित करता है। सेवाएं प्रदान करने के लिए चिकित्सा विशेषज्ञों की एक प्रशिक्षित टीम को शामिल किया गया है। आरसीएचआरसी राज्य और उसके आसपास के मरीजों के लिए 82 बेड्स की सुविधा प्रदान करेगा।
जाने टाटा कैंसर केयर फाउंडेशन के बारे में..
टाटा कैंसर केयर फाउंडेशन की स्थापना टाटा ट्रस्ट्स द्वारा भारत में कैंसर की देखभाल को अधिक आसानी से सुलभ और किफायती बनाने के लिए की गई थी। टाटा कैंसर फेयर फाउंडेशन कैंसर रोगियों और उनके परिवारों को उनके घरों के करीब गुणवत्तापूर्ण और किफायती देखभाल सुनिश्चित करने के लिए टाटा ट्रस्ट्स द्वारा विकसित ‘डिस्ट्रीब्यूटेड कैंसर केयर मॉडल’ के चार स्तंभों को लागू कर रहा है।
इस अवसर पर विधायक श्रीमती दीपिका पांडेय सिंह, राज्य के मुख्य सचिव श्री सुखदेव सिंह, विकास आयुक्त-सह-अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य विभाग श्री अरुण कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्रीमती वंदना डाडेल, मुख्यमंत्री के सचिव श्री विनय कुमार चौबे, सीईओ टाटा स्टील श्री टी. वी. नरेंद्रन, सहित टाटा ट्रस्ट्स और टाटा स्टील के अन्य वरिष्ठ प्रतिनिधियों के साथ-साथ राज्य सरकार के वरीय पदाधिकारीगण एवं अन्य गणमान्य लोग बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
झारखंड
वक्फ संशोधन बिल पास होने के बाद कथित सेक्युलर चेहरों से उतर गया नकाब : सुधीर कुमार पप्पू

जमशेदपुर। मोदी सरकार ने वक्फ संशोधन बिल को संसद के दोनों सदनों से पारित करवा लिया है, जिसके बाद देश की राजनीति में एक नई बहस छिड़ गई है। वरिष्ठ अधिवक्ता सुधीर कुमार पप्पू ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि तथाकथित सेक्युलर चेहरों की असलियत अब जनता के सामने आ चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुस्लिम समाज को धोखा देने वाले नेताओं को अब आगामी चुनावों में इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। उन्होंने यह भी कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी में असंतोष बढ़ा है और मुस्लिम नेता पार्टी छोड़ चुके हैं। चिराग पासवान और जीतन राम मांझी को भी इसका नुकसान होगा। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू द्वारा भाजपा को समर्थन देना भी उनके लिए महंगा साबित हो सकता है, क्योंकि मुस्लिम समुदाय अब उन्हें समर्थन नहीं देगा।
पप्पू ने आरोप लगाया कि यह विधेयक एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा है जिसके जरिए मोदी सरकार वक्फ बोर्ड की संपत्तियों पर कब्जा करना चाहती है ताकि उन्हें पूंजीपतियों को सौंपा जा सके। उन्होंने कहा कि यह विधेयक गैर संवैधानिक है और इसकी वैधता को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। पूरे देश में इसके खिलाफ आंदोलन का माहौल बनता जा रहा है जो आने वाले समय में मोदी सरकार के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है।
Read more : रोटरी क्लब वेस्ट ने आयोजित किया प्रेरणादायक पर्यावरण जागरूकता सत्र, डॉ. विक्रांत तिवारी ने साझा किए अनुभव
कानूनी दृष्टिकोण से वक्फ (संशोधन) विधेयक 2025 के पक्ष और विपक्ष में तर्क:
इस विधेयक को लेकर सरकार का तर्क है कि यह वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता और जवाबदेही लाने का माध्यम है। विवादित संपत्तियों के निर्धारण, वक्फ बोर्ड की कार्यप्रणाली में सुधार और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए इसमें कई प्रावधान जोड़े गए हैं। साथ ही, गैर-मुस्लिम सदस्यों को बोर्ड में शामिल करने से समुदायों के बीच समरसता को बढ़ावा मिलेगा।
वहीं दूसरी ओर, इसके विरोध में यह कहा जा रहा है कि यह विधेयक संविधान के अनुच्छेद 25, 26, 14, 15 और 300A का उल्लंघन करता है। विशेष रूप से धारा 3E (Section 3E) को लेकर गंभीर आपत्ति जताई गई है। याचिकाकर्ता ने तर्क दिया है कि यह प्रावधान अनुसूचित जनजातियों के उन सदस्यों को वक्फ के रूप में संपत्ति समर्पित करने के अधिकार से वंचित करता है जो इस्लाम धर्म अपना चुके हैं। अनुसूचित जातियों के विपरीत, अनुसूचित जनजातियों के सदस्य धर्म परिवर्तन के बाद भी अपनी जनजातीय पहचान नहीं खोते। ऐसे में इस्लाम अपनाने वाले जनजातीय व्यक्ति मुसलमान भी माने जाते हैं, परन्तु इस संशोधन द्वारा उन्हें अपने धर्म के एक आवश्यक अंग का पालन करने से रोका जा रहा है, जो कि अनुच्छेद 25 और 26 के तहत उनके धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन है।
यह प्रावधान अनुच्छेद 14 और 15 का भी उल्लंघन करता है क्योंकि यह धर्म के आधार पर अनुसूचित जनजातियों के बीच और जनजातीय मुसलमानों के बीच भेदभाव करता है। इसके अतिरिक्त यह अनुच्छेद 300A के तहत संपत्ति के अधिकार को भी अप्रभावी बनाता है। इस प्रकार, यह संशोधन मनमाना, भेदभावपूर्ण और असंवैधानिक है तथा इसे रद्द किया जाना चाहिए।
निष्कर्षतः, वक्फ संशोधन विधेयक एक संवेदनशील और बहुआयामी विषय है जो धार्मिक अधिकार, अल्पसंख्यक संरक्षण और प्रशासनिक सुधार – तीनों के बीच संतुलन की मांग करता है। इसे केवल राजनीतिक चश्मे से नहीं बल्कि संविधान और न्यायिक समीक्षा की कसौटी पर परखा जाना चाहिए।
झारखंड
रोटरी क्लब वेस्ट ने आयोजित किया प्रेरणादायक पर्यावरण जागरूकता सत्र, डॉ. विक्रांत तिवारी ने साझा किए अनुभव

जमशेदपुर : रोटरी क्लब वेस्ट जमशेदपुर द्वारा मोतीलाल नेहरू पब्लिक स्कूल के प्रेक्षागृह में एक प्रेरणादायक पर्यावरण जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे प्रख्यात पर्यावरणविद् और सामाजिक उद्यमी डॉ. विक्रांत तिवारी, जिन्होंने अपने दो दशक से अधिक के कार्य अनुभव के आधार पर युवाओं और शिक्षकों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रेरित किया।
डॉ. तिवारी का प्रेरणास्पद संदेश
आईआईएम कलकत्ता और हार्वर्ड बिजनेस स्कूल के पूर्व छात्र डॉ. तिवारी ने बताया कि उन्होंने अब तक 17 मिलियन से अधिक पेड़ों का रोपण करवाया है और कई एनजीओ को संसाधन जुटाने में सहायता प्रदान की है। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी टीम न केवल हरित भारत की कल्पना को साकार कर रही है, बल्कि आदिवासी कला और संस्कृति को बढ़ावा देकर सतत विकास की दिशा में भी कार्य कर रही है।
डॉ. तिवारी ने छात्रों को बताया कि “पर्यावरण संरक्षण कोई विकल्प नहीं, बल्कि यह अब हमारी अनिवार्य जिम्मेदारी बन चुकी है। जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए हमें व्यक्तिगत और सामाजिक स्तर पर छोटे लेकिन असरदार कदम उठाने होंगे।”
Read more : निजी स्कूलों में आदेश की अवहेलना कर किताबों की बिक्री, अभिभावक संघ ने की कार्रवाई की मांग
विद्यालय प्रबंधन की सक्रिय भागीदारी
इस कार्यक्रम की सफलता में स्कूल प्रबंधन समिति, विशेष रूप से प्राचार्या श्रीमती संगीता सिंह, उप प्राचार्या और समन्वयक शिक्षकों की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही। उन्होंने छात्रों को न केवल आयोजन से जोड़ा, बल्कि पर्यावरणीय चेतना को व्यवहार में उतारने का संदेश भी दिया।
रोटरी क्लब की प्रतिबद्धता
रोटरी क्लब वेस्ट की यह पहल संगठन की स्थिरता, हरित भविष्य और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को दर्शाती है। क्लब ने इस सत्र के माध्यम से यह स्पष्ट किया कि वे न केवल समाज सेवा में, बल्कि पर्यावरण संरक्षण जैसे संवेदनशील विषयों पर भी जागरूकता बढ़ाने में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं।
छात्रों में दिखा उत्साह
सत्र के दौरान छात्रों ने पर्यावरण से जुड़ी जिज्ञासाओं को खुलकर साझा किया और डॉ. तिवारी से मार्गदर्शन प्राप्त किया। कार्यक्रम के अंत में “प्रकृति से संवाद” विषय पर एक लघु प्रस्तुति ने सभी को भावुक और जागरूक कर दिया।
यह आयोजन न केवल एक जागरूकता अभियान था, बल्कि एक प्रेरणा स्रोत भी बना, जो भावी पीढ़ी को हरित और टिकाऊ भारत के निर्माण की दिशा में सोचने और कार्य करने के लिए प्रेरित करता है।
झारखंड
निजी स्कूलों में आदेश की अवहेलना कर किताबों की बिक्री, अभिभावक संघ ने की कार्रवाई की मांग

जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम जिला के कई निजी स्कूलों द्वारा शिक्षा विभाग के स्पष्ट आदेशों की अवहेलना करते हुए स्कूल परिसर में किताबों की बिक्री जारी रखने का मामला सामने आया है। इस पर नाराजगी जताते हुए जमशेदपुर अभिभावक संघ ने उपायुक्त और जिला शिक्षा अधीक्षक को पत्र सौंपकर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
अध्यक्ष डॉ. उमेश कुमार द्वारा हस्ताक्षरित ज्ञापन में कहा गया है कि झारखंड शिक्षा न्यायाधिकरण संशोधन अधिनियम 2017 की धारा 7(अ)(3) के अनुसार स्कूल परिसर का उपयोग केवल शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए किया जाना चाहिए। इसके तहत स्कूल किसी भी प्रकार के व्यापारिक गतिविधि, जैसे किताबें, यूनिफॉर्म या जूते आदि की बिक्री के लिए अभिभावकों या छात्रों को बाध्य नहीं कर सकता।
जारी हैं व्यवसायिक गतिविधियाँ, आदेश की हो रही अनदेखी
अभिभावक संघ ने दावा किया है कि despite विभागीय आदेशों के बावजूद, जमशेदपुर के कुछ प्रतिष्ठित निजी स्कूल – जैसे सेंट मैरी स्कूल बिस्टुपुर, चिन्मया स्कूल बिस्टुपुर और जुस्को स्कूल बिस्टुपुर, अपने परिसरों में किताबों की बिक्री कर रहे हैं। यह न सिर्फ नियमों का उल्लंघन है, बल्कि अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक दबाव भी डालता है।
Read more : एनआईटी जमशेदपुर में छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर संवाद सत्र आयोजित
पिछले आदेशों की भी हो रही अनदेखी
ज्ञात हो कि जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय द्वारा पूर्व में भी स्पष्ट निर्देश जारी किए गए थे कि:
- स्कूल परिसर का उपयोग केवल शिक्षण कार्यों के लिए किया जाए।
- स्कूल किसी भी विशेष विक्रेता से सामग्री खरीदने के लिए छात्रों को बाध्य न करें।
- किसी भी परिस्थिति में परिसर में किताब या अन्य शैक्षणिक सामग्री की बिक्री न हो।
अभिभावक संघ का कहना है कि इन आदेशों के बावजूद कई स्कूल खुलेआम इन नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं, जो न केवल गैरकानूनी है बल्कि नैतिक रूप से भी अनुचित है।
कार्रवाई की मांग
डॉ. उमेश कुमार ने प्रशासन से अनुरोध किया है कि ऐसे सभी स्कूलों पर अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप न्यायसंगत कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी संस्था शिक्षा के नाम पर व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा न दे सके।
संघ ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई की उम्मीद जताई है और चेताया है कि यदि इस पर जल्द कदम नहीं उठाया गया, तो अभिभावकों द्वारा जन आंदोलन भी शुरू किया जा सकता है।
वीडियो देखें :
-
फैशन8 years ago
These ’90s fashion trends are making a comeback in 2017
-
Entertainment8 years ago
The final 6 ‘Game of Thrones’ episodes might feel like a full season
-
फैशन8 years ago
According to Dior Couture, this taboo fashion accessory is back
-
Entertainment8 years ago
The old and New Edition cast comes together to perform
-
स्पोर्ट्स8 years ago
Phillies’ Aaron Altherr makes mind-boggling barehanded play
-
Entertainment8 years ago
Disney’s live-action Aladdin finally finds its stars
-
व्यापार8 years ago
Uber and Lyft are finally available in all of New York State
-
स्पोर्ट्स8 years ago
Steph Curry finally got the contract he deserves from the Warriors