फिरोजाबाद, 31 मार्च। इंडियन बैंक जसराना शाखा में हुए लगभग 2 करोड़ रुपये के घोटाले का पुलिस ने खुलासा किया है। इस मामले में पुलिस ने बैंक के तत्कालीन कैशियर सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि मुख्य आरोपी बैंक प्रबंधक अभी फरार है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने संगठित गिरोह बनाकर 91 खातों से अवैध रूप से पैसे निकालकर गबन किया।
कैसे हुआ घोटाला?
इस धोखाधड़ी का पर्दाफाश तब हुआ जब इंडियन बैंक जसराना के अंचल प्रमुख तरुण कुमार विश्नोई ने 27 मार्च को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि शाखा प्रबंधक राघवेन्द्र सिंह और तत्कालीन कैशियर जयप्रकाश सिंह ने कुछ अन्य लोगों के साथ मिलकर ग्राहकों के खातों से बड़ी रकम निकाल ली।
पुलिस जांच में सामने आया कि ग्राहकों को बिना बताए उनके बैंक खातों से पैसे निकालकर एक गिरोह के अन्य सदस्यों के खातों में ट्रांसफर किए गए। इसके बाद इन पैसों को ठेकेदारों और अन्य व्यापारियों के खातों में डालकर ब्याज पर उधार दिया जाता था, जिससे आरोपियों को भारी मुनाफा होता था।
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गिरफ्तार आरोपियों की सूची
पुलिस ने इस मामले में जिन पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया, उनके नाम और पते निम्नलिखित हैं—
- जयप्रकाश सिंह (पूर्व कैशियर, इंडियन बैंक जसराना)
- आकाश मिश्रा (इंडियन बैंक के सामने, घिरोर रोड, जसराना)
- वीरबहादुर (शिवनगर, कोतवाली नगर, मैनपुरी)
- प्रवीन कुमार (ठेकेदार, भैंडी, जसराना)
- कुंवरपाल सिंह (ग्राम भैंडी, जसराना)
इन सभी को सोमवार को पुलिस ने नगला रामा तिराहे के पास से गिरफ्तार किया।
कैसे करते थे पैसे की हेराफेरी?
सबसे पहले बैंक प्रबंधक और कैशियर खाताधारकों के पैसे निकालते थे।
फिर ये पैसे गिरोह में शामिल आकाश मिश्रा, सौमिल, सुखदेव, नीलेश और वीरबहादुर के बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए जाते थे।
इसके बाद यह रकम ठेकेदारों और अन्य व्यापारियों के खातों में भेज दी जाती थी।
आरोपी इस पैसे को ब्याज पर उधार देकर मोटा मुनाफा कमाते थे।
इस पूरे खेल में शाखा प्रबंधक और कैशियर की अहम भूमिका थी।
मुख्य आरोपी अभी भी फरार
पुलिस ने बताया कि मामले में मुख्य आरोपी तत्कालीन शाखा प्रबंधक राघवेन्द्र सिंह अभी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
अपर पुलिस अधीक्षक (देहात) अखिलेश भदौरिया ने कहा,
“यह एक संगठित धोखाधड़ी का मामला है, जिसमें बैंक के ही कर्मचारी शामिल थे। हम फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए कड़ी कार्रवाई कर रहे हैं।”
क्या होगी अगली कार्रवाई?
गिरफ्तार आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।
पुलिस शाखा प्रबंधक राघवेन्द्र सिंह की लोकेशन ट्रेस कर रही है।
बैंक से जुड़े अन्य कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
जिन खातों से पैसा निकाला गया, उन ग्राहकों को न्याय दिलाने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
बैंक खाताधारकों के लिए चेतावनी
अपने बैंक स्टेटमेंट को नियमित रूप से चेक करें।
अगर किसी भी तरह की अनधिकृत लेनदेन नजर आए, तो तुरंत बैंक में शिकायत करें।
किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपने बैंक खाते की जानकारी साझा न करें।
निष्कर्ष
यह घोटाला बैंकिंग प्रणाली में अंदरूनी मिलीभगत और सुरक्षा चूक को दर्शाता है। यह धोखाधड़ी बैंकिंग सेक्टर में विश्वास को हिला देने वाली है। पुलिस द्वारा तेजी से कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों की गिरफ्तारी इस मामले में एक महत्वपूर्ण कदम है, लेकिन मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद ही पूरे घोटाले की सही सच्चाई सामने आएगी।