मौसममनोरंजनचुनावटेक्नोलॉजीखेलक्राइमजॉबसोशललाइफस्टाइलदेश-विदेशव्यापारमोटिवेशनलमूवीधार्मिकत्योहारInspirationalगजब-दूनिया
---Advertisement---

यहां आपका विज्ञापन लग सकता है!

अपने ब्रांड या सर्विस को हजारों विज़िटर्स तक पहुंचाने का बेहतरीन मौका। टार्गेटेड ऑडियंस और बेहतर विज़िबिलिटी के साथ, इस जगह पर लगाएं अपना ऐड!

Book Now

या कॉल करें: +91-7004699926

कोरोना के कारण 8 साल के बच्चे की किडनी, फेफड़ा और लिवर हुआ नष्ट।

Ce94618781f51ab2727e4c0bd2ddd427
On: June 4, 2021 5:04 PM
Follow Us:
---Advertisement---

यहां आपका विज्ञापन लग सकता है!

अपने ब्रांड या सर्विस को हजारों विज़िटर्स तक पहुंचाने का बेहतरीन मौका। टार्गेटेड ऑडियंस और बेहतर विज़िबिलिटी के साथ, इस जगह पर लगाएं अपना ऐड!

Book Now

या कॉल करें: +91-7004699926

THE NEWS FRAME
प्रतीकात्मक फोटो

क्या थर्ड वेव आ चुका है? बिहार के छपरा जिले की यह घटना इस बात की ओर इशारा कर रही है जिसमें आठ वर्ष का एक नन्हा बच्चा नए लक्षणों के साथ संक्रमित हो चुका है। संक्रमण का यह नया रूप डॉक्टरों को कर रहा है परेशान। क्योंकि कोरोना का यह अनोखा मामला सामने आया है।

आपको बता दें कि इस मामले के आने से पटना के अस्‍पताल आइजीआइएमएस के डॉक्टर हैरान हैं। बच्चे के परिवार में किसी को भी कोरोना हुआ ही नहीं था। लेकिन बच्चा इससे हुआ संक्रमित। यह बच्चा छपरा का रहने वाला है जिसकी उम्र अभी मात्र आठ वर्ष है। कोरोना के आरटी-पीसीआर और एंटीजन रिपोर्ट निगेटिव आई है। लेकिन बच्चे को सांस लेने की समस्या के कारण जब इसका सीटी स्कैन कराया गया तब पता चला कि उसके फेफड़े 90% तक खराब हो चुका है। साथ ही बच्चे की किडनी और लिवर में भी इंफेक्शन बढ़ चुका है।  वहीं आप को जान कर हैरानी होगी कि बच्चे के परिवार में अब तक कोई कोरोना से संक्रमित नहीं हुआ है। फिर बच्चा कैसे इस महामारी की चपेट में आ गया, सभी हैरान हैं।  

वहीं इस केस को देखने के बाद डॉक्टरों को आशंका लग रहा है कि कहीं यह कोरोना का तीसरा वेब तो नहीं है। 

पटना के आइजीआइएमएस हॉस्पिटल के चिकित्साधीक्षक डॉ. मनीष मंडल ने इस मामले के बारे में बताया कि 22 मई 2021 को इमरजेंसी केस के तहत बच्चे को भर्ती कराया गया था। तब बच्चे को खांसी और बुखार था। साथ ही बच्चे को सांस लेने में भी दिक्कत हो रही थी। जिस वजह से बच्चे का कोरोना जांच आरटी-पीसीआर और एंटीजन के द्वारा किया। लेकिन रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद सभी हैरान हो गए। वहीं सीटी स्कैन का स्कोर 22/25 था जिसका मतलब साफ था कि बच्चे का फेफड़ा 90% कोरोना से संक्रमित था। 

इस बच्चे में फेफड़े के साथ-साथ लिवर व किडनी में भी इंफेक्शन हो चुका था। डॉक्टरों ने बेहतर इलाज आरम्भ किया। कोरोना महामारी का अलग रूप के कारण  बच्चे को पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट के अलग रूम में रखा गया। इलाज के दौरान बच्चे को एंटीबायोटिक के अलावा रेमडेसिविर, स्टेरॉयड नेबुलाइजेशन दिया गया। साथ ही 16 ली प्रति मिनट का ऑक्सीजन चलाया गया था। 

आपको यह जानकर अच्छा लगेगा कि बच्चा अब खतरे से बाहर है। 

पढ़ें खास खबर– 

रोगों से लड़ना हो या इम्युनिटी बढ़ाना हो या शारीरिक शक्ति और क्षमताओं को बढ़ाना हो तो शरीर में प्राणवायु को लॉक करना सीखें।

केंद्र सरकार ने अबतक कुल मिलाकर 24 करोड़ से अधिक वैक्सीन सभी राज्यों को बिल्कुल मुफ्त दिए हैं।

10 करोड़ से अधिक कोरोना वैक्सीन भारत के विभिन्न क्षेत्रों में पुणे हवाईअड्डा से भेजा जा चुका है।

भारतीय सेना प्रमुख कश्मीर घाटी में सुरक्षा की समीक्षा के लिए कश्मीर के दो दिवसीय दौरे पर गए।

भारत को मिली 8 नई फ्लाइंग ट्रेनिंग एकेडमी। आत्मनिर्भर बनने की ओर भारत ने बढ़ाये एक कदम और।

Ce94618781f51ab2727e4c0bd2ddd427

Anil Kumar Maurya

अनिल कुमार मौर्य एक अनुभवी पत्रकार, मीडिया रणनीतिकार और सामाजिक चिंतक हैं, जिन्हें पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र में 10 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वे वर्तमान में The News Frame के संस्थापक और मुख्य संपादक के रूप में कार्यरत हैं — एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म जो क्षेत्रीय, राष्ट्रीय और सामाजिक सरोकारों को निष्पक्ष और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करता है।अनिल जी राष्ट्रीय पत्रकार मीडिया संगठन (Rashtriya Patrakar Media Sangathan) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं, जहां वे पत्रकारों के अधिकारों, मीडिया की स्वतंत्रता और सामाजिक न्याय के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

Leave a Comment