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क्या NIC ईमेल हुआ हैक? सावधान रहें, आपका ईमेल भी हो सकता है- हैक।

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On: June 14, 2021 6:21 AM
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THE NEWS FRAME

क्या आप जानते हैं NIC है क्या?

NIC का पूरा नाम है – राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्द्र (National Informatics Centre) जिसे शार्ट में  NIC भी कहते हैं।

NIC भारत सरकार के इलेक्ट्रानिक्स एवं आईटी मंत्रालय का प्रमुख विभाग है। इसे यूँ समझ सकते है कि यह सूचना प्रौद्योगिकी में प्रमुख विज्ञान एवं प्रौद्योगिक संस्थान है।

NIC की स्थापना 1976 में हुई थी। उस समय इंदिरा गांधी देश के प्रधानमंत्री पद पर आसीन थी।इसकी स्थापना का मुख्य लक्ष्य सरकारी क्षेत्र में बेहतर पद्धतियों, एकीकृत सेवाओं तथा विश्वव्यापी समाधानों को अपनाने वाली ई-गवर्नेंस/ ई-शासन संबंधी समाधानों को प्रदान करने के लिए हुई थी। जो आज भी निरंतर आपने कार्य में प्ररगतिशील है।


लेकिन कुछ ऐसी बातें हवा में उड़ी की हैकर्स ने इसके ईमेल को हैक कर लिया है।

लेकिन सच्चाई कुछ और ही है। आइये दिनांक 13 जून 2021 को भारत सरकार के इलेक्ट्रानिक्स एवं आईटी मंत्रालय द्वारा जारी प्रेस रिलीज से इसे समझते है।

सरकार ने स्पष्ट किया कि एनआईसी ईमेल प्रणाली में किसी भी प्रकार का साइबर अतिक्रमण नहीं हुआ

एयर इंडिया, बिग बास्केट और डोमिनोज जैसे संगठनों में डेटा अतिक्रमणो के प्रभाव पर मीडिया में एक खबर ने दावा किया है कि इन अतिक्रमणों से हैकर्स को राष्ट्रीय सूचना केंद्र-एनआईसी ईमेल के ईमेल खाते और पासवर्ड प्राप्त हो गए हैं।

इसे देखते हुए यह स्पष्ट करना महत्वपूर्ण है कि सबसे पहले, राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) द्वारा अनुरक्षित भारत सरकार की ईमेल प्रणाली में कोई साइबर अतिक्रमण नहीं हुआ है। ईमेल प्रणाली पूरी तरह से सुरक्षित और सकुशल है।

दूसरे, बाहरी पोर्टलों पर साइबर सुरक्षा उल्लंघन सरकारी ईमेल सेवा के उपयोगकर्ताओं को प्रभावित नहीं कर सकता है, जब तक कि सरकारी उपयोगकर्ताओं ने अपने सरकारी ईमेल पते का उपयोग करके इन पोर्टलों पर पंजीकरण नहीं कराया है और सरकारी ईमेल खाते में उपयोग किए गए पासवर्ड का उपयोग नहीं किया है।

एनआईसी ईमेल प्रणाली ने दो घटकीय प्रमाणीकरण और 90 दिनों में पासवर्ड बदलने जैसे कई सुरक्षा उपाय किए हैं। इसके अलावा, एनआईसी ईमेल में पासवर्ड के किसी भी परिवर्तन के लिए मोबाइल ओटीपी की आवश्यकता होती है और यदि मोबाइल ओटीपी गलत है तो पासवर्ड बदलना संभव नहीं होगा। एनआईसी ईमेल का उपयोग करके अतिक्रमण के किसी भी प्रयास को एनआईसी द्वारा रोका किया जा सकता है। एनआईसी समय-समय पर उपयोगकर्ता जागरूकता अभियान भी चलाता है और संभावित खतरों और सुरक्षा प्रोटोकॉल के बारे में उपयोगकर्ताओं को अपडेट करता रहता है।

ये तो रही NIC की ओर से जारी सच्चाई। लेकिन आप भी सचेत रहें। आपका ईमेल भी हैक हो सकता है। जिससे आपकी पर्सनल जानकारियां कोई भी हैकर चुरा सकता है। इसलिए समय-समय पर अपना ईमेल जांचते रहें और अपने ईमेल का पासवर्ड बदलते रहें या कोई खास और बड़ा पासवर्ड लगाएं। जैसे -Abc@$#0001 या 9001@$%Year. आप अपनी सुविधानुसार पासवर्ड बनाये।

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Anil Kumar Maurya

अनिल कुमार मौर्य एक अनुभवी पत्रकार, मीडिया रणनीतिकार और सामाजिक चिंतक हैं, जिन्हें पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र में 10 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वे वर्तमान में The News Frame के संस्थापक और मुख्य संपादक के रूप में कार्यरत हैं — एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म जो क्षेत्रीय, राष्ट्रीय और सामाजिक सरोकारों को निष्पक्ष और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करता है। अनिल जी राष्ट्रीय पत्रकार मीडिया संगठन (Rashtriya Patrakar Media Sangathan) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं, जहां वे पत्रकारों के अधिकारों, मीडिया की स्वतंत्रता और सामाजिक न्याय के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

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